मैं सतनाम सिंह साहनी जो कि नित्य जीवन में अपने आस-पास घटित होती घटनाऔ से प्रभावित हो बने विचारों / उदगारों को काव्य रूप में हिंदी भाषा में अपनी स्वरचित रचनाऔ के माध्यम से विभिन्न शीर्षकान्तर्गत दिनांक - १० जनवरी २०१५ से पुर्नप्रकाशन प्रांरंभ किया हैं जो कि निम्नानुसार हैं--
राह –ए –जिन्दगी
शीघ्र
ही माझी का वादा व उसकी कोई मजबूरी होगी आपके सामने होंगें को लिख
प्रकाशनार्थ प्रेषित करता हूं
मेरी शिक्षा जबलपुर
मध्यप्रदेश में हुई मैं 66 वर्षीय
वर्तमान में मुंबई में रहता हूं
मैं
किसी का उपहास /कटाक्ष:/व्यग्य नही करना चाहता हू यदि किसी पाठक को
पीडा पहंचे तो क्षमाप्रार्थी हू
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