खुदा याद करके भी कभी भी हम खुदा के न हुये
इंतजार हो न सका सोचा देखें यहाँ क्या हैं रखा
जिन्दगी बरबाद कर हम जिन्दगी के न हो सके
देख खासियतें जमाने की सपने चूर चूर हो गये
क्यों लाश जिन्दगी ढोने के लिये मजबूर हो गये
ब्लाग --- राह
---ए - जिन्दगी
पथिक अनजाना
No comments:
Post a Comment