Tuesday, November 12, 2013

अभिव्यक्ति क्रमांक -- ३२४ - प्यार निस्वार्थ सेवा सतनाम सिंह साहनी

प्यार निस्वार्थ सेवा सम्मान अलोभी निर्मोही लक्षण हैं
संगीतमयी निश्छल सुंदर सभ्य समाज के होते यहाँ हैं
कपट लूटमार कडवाहट लोभी प्रतिफल कीआशा से रचा
कोलाहलपूर्ण युद्धरत व कीचड में तडफता भी समाज हैं
राह किस पर जाना चाहेंगें कहाँ अपनी यादें छोड जावेंगें
ये निर्भर आपके विचारवाणी व व्यवहार के आधार पर हैं
ब्लाग ---  राह  --ए  ----   जिन्दगी
पथिक अनजाना



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