Wednesday, November 13, 2013

अभिव्यक्ति क्रमांक -- ३२५ - - आत्महत्या समान हैं सतनाम सिंह साहनी

क्या शिक्षा प्रणाली भावी कर्णधारकों हेतू आत्महत्या सामान?
जो  दिन प्रतिदिन भारतीय पीढियों को नपुंसक बना रही हैं ?
यह अनिवार्य नही सभ्यता हेतू सुशिक्षित होना जरूरी शर्त हैं
विचारधारणा गलत जो शिक्षा को सभ्यता से जोड कर मानें
वस्तुतः सभ्यता का संबंध व्यवहारिता से माना जाना चाहिये
मैंने कई सुशिक्षित व्दारा असभ्यता पूर्ण व्यवहार करते देखा
कई अशिक्षित व्यक्तियों का प्रशंसनीय सभ्य व्यवहार देखा हैं
साबित हुआ कि सभ्यता का सबंध शिक्षा से नही मान सकते
निर्णित सभ्य परिवारिक संस्कारों सुविचारों की महान देन हैं
ब्लाग ---  राह  --ए  ----   जिन्दगी


पथिक अनजाना

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