चाहे तुम कितनी भी करो कोशिशें
पर मिलनी कामयाबी मुश्किल हैँ
समय से लेते सहारा सुकर्मों का
न होने वाला काम बन जाता हैँ
करते कर्म ध्यान स्वार्थ पर होता
तभी इंसा सुखद भविष्य खोता हैं
ब्लाग -- राह –ए ---
जिन्दगी
सतनाम सिंह साहनी ( पथिक अनजाना
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