Wednesday, October 30, 2013

अभिव्यक्ति क्रमांक --३११-- गूंज रही आवाज ----पथिकअनजाना

गूंज रही आवाज काली रात में सुबह के इंतजार में
यादें बनी अब गहरे नासूर क्षण कैसे बीते प्यार में
चाहे दूर जाने की कोशिश करो लाख न जा पावोगे
अब अगर करो कोशिश पाने की तुम न हमें पावोगे
ब्लाग --  राह  --ए --  जिन्दगी
https://pathicaanjana777.blogspot.com

सतनाम सिंह साहनी (पथिकअनजाना)

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