गर कही नही कर पायें साबित अपने विचार सही
तो शीघ्र अपनी गलती स्वीकार लेना महानता हैं
स्वीकृति शायद आपके चरित्र की पुर्नस्थापना होगी
पले हुये विचारों से तो सदैव चलचित्र बना करते हैं
माना कि हर शख्स होता हालातों से हैं मजबूर पर
जीवित आत्मा का इंसा रहता गन्दे स्थान से दूर हैं
ब्लाग -- राह –ए --
जिन्दगी
पथिक अनजाना
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