व्यक्ति वह होता है जो किसी परिवार
समाज समुदाय की यह प्रथम इकाई हैं
परिवार प्रमुख वह होता जो परिवार में
जी हजूर का पक्षधर यहाँ
कहा जाताहैं
इकाईयों में गिने जाने वाले व्यक्तियों से
संगठित समूह वह परिवार कहलाता हैं
परिवार में अनिश्चित संख्या में पुरुष
व महिला सदस्यों की हिस्सेदारी होती
दो परिवर्तन परिवार में मिल रहे हैं
वर्षों पूर्व ओशो ने पूर्णत: सत्य कहा
भविष्य में पुरूष स्त्रीगुणी हो जावेंगे
महिलाओं में पौरूष तत्व हो जावेंगें
सोऐसे तत्वाधार नेतृत्व दिख जायेंगें
पुरूष तनावी व महिला हावी होकर
इस मानवीय दुनिया
को सजायेंगें
परिवर्तन दूजा भी हो रहा हावी हैं
वर्तमान में परिवार के प्रत्येक सदस्य
को आय स्थिति व धूर्तता
से तौलगें
वरीयता में अंतिम व्यक्ति को परिवार
निकृष्ट असम्मानीय घोषित बोलेंगें
पथिक अनजाना (सतनाम सिंह साहनी)
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