कहा जाता है कि गर प्रतिपक्ष के नजरिये से तुम
किसी विवादित विषय का अवलोकन करो हो शांत
निश्चित मानो विवादित ढॉचा स्वतः गिर जावेगा
बशर्ते अवलोकन किसी स्वार्थ हठ से न किया जावे
गर आपकी हो इच्छा कहीं न्यायिक फैसले करने की
अगर फैसला - आधार आपका कोई अन्य न हित हो
न करेंगें अवमानना पवित्र न्यायगरिमा की हम कभी
गर नही काबिल तुम क्यों खुद न्यायाधीश बनते हो
पथिक अनजाना (सतनाम सिंह साहनी)
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