अंधों के
व्दारा परिभाषित हाथी कथा ज्ञान सुना हैं
बुद्धिजीवियों
के व्दारा धर्म कहते किसे यह सुना हैं
धर्म व
समुदाय एक ही परिभाषा में तौला जाता हैं
दायरा
विभिन्न पर निराधार वचन को घोला जाता
अनूठे ज्ञान
को यहाँ सुज्ञानियों व्दारा बोला जाता हैं
वर्तमान रोगी
बुद्धिस्तर को दे मान खखोला जाता हैं
पथिकअनजाने
को समझ न आवे यह क्या झमेला हैं
- ब्लाग -- राह ए जिन्दगी
पथिक अनजाना
यदि अभिव्यक्ति को रूचिकर व विचारणीय मानते हैं कृपया
अग्रेषित करें
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