Tuesday, December 31, 2013

अभिव्यक्ति क्रमांक ३७३ - सर्वोत्तम समुदाय व नेतृत्व - पथिक अनजाना

हम अपनाना सर्वोत्तम समुदाय नेतृत्व चाहते हैं
चाहते हैं जीवन में सुराज्य निवासी हम कहलायें
सफल सुशासन नेतृत्व का साया हम पर हो जाये
जीवन के विभिन्न सुइकाईयों सुविचारों में निपुण
महारथियों का हम व वंशज मार्गदर्शन सदैव पावें
अपना निस्वार्थ समर्पित हमसफर पथप्रदर्शक व
राजनेतृत्व भी निष्कलंकित व सर्वोच्च गंभीर रहे
वह हमारे जीवन के उतारचढावों समस्याओं हेतू
तालमेल वाला शांतिप्रिय हमसफर साबित होजावे
वर्तमान काल में क्या जीवन राह पर चलने हेतू
यह धरा के जीवों हेतू सत्य संभव हो सकता हैं
क्या जवाब न सिवाय कुछ अन्य नहीं हो सकता
चूंकि नेतृत्व देश उन्नति के विषय में सोचता हैं
जनप्रतिनिधि व आमजन जातिवाद को लोचता हैं
कभी भी जीवन मै ऐसे महाव्यक्तित्व स्वतः नही
जनसाधारण के समक्ष आते वह तो परिस्थितियों
समय समुदाय नेतृत्व व जनमानस से उदासीन हो
एकान्त में खुदमस्त हो दर्शक सिमट जीवन बीताते
गर उत्साही व संघर्षशील औचित्य न्याय सुदृढ विश्व
स्थापनार्थ समर्पित व जनसाधारण मार्गदर्शक होते
न मात्र स्वजीवन बल्कि भावी पीढियों की सफलतार्थ
सुकर्मों के साये में यारों उन्हें खोजें ,सहयोगी बनायें
हमें सच्चे नेतृत्व,त्यागी सहयोगियों की जरूरत हैं
ऐसी खोज आती जब सामने अपने कफन बनाते हैं
पथिक अनजाना (सतनाम सिंह साहनी)


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