जिन्दगी को यारों
के सागर में डुबो दो लोग ये कहते हैं
जीवन में आशापूर्ण विचार अपनायें सब मुझे ही कहते हैं
यह बात सदैव मुझे किताबी व प्रदर्शनीय क्यों लगती हैं
झांको गर इनके दिलों में कहानी कुछ और ही चलती हैं
सपनों अपनों हालातों से विवश सोच कही जा ढलती हैं
ब्लाग -- राह –ए ---
जिन्दगी
सतनाम सिंह साहनी
(पथिकअनजाना)
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