प्रायः ईश्वर से लोग मांगने या
उसे सुझाव देने आते है
प्रार्थना गर न सुनी तो शिकायतों की सौगात दे जाते है
आपकी प्रार्थना सुने व तदानुसार कार्य करें प्रश्नवाचक?
वह अस्तित्वहीन कल्पना विश्वास का मात्र प्रतीक ही हैं
क्यों इंसा को राह पाने ग्रन्थ, मूर्ति की शरण जाना होता
हैं
खुद में बसी शक्ति को खोजने कही जा सिर नवाना होता हैं
आत्मा की न सुनता परमशक्ति को व्यापारी बनाना होता हैं
मांगो गर कर्मों पर यकी नही राह दिखावो उसे जो सोता हैं
ब्लाग -- राह –ए --- जिन्दगी
पथिक अनजाना ( सतनाम सिंह साहनी)
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